पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत, जांच में सामने आया सनसनीखेज सच
बिहार की राजधानी पटना का कंकड़बाग इलाका, जो नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए जाना जाता है, इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाली घटना को लेकर चर्चा में है। कंकड़बाग स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिन्होंने हॉस्टल की आड़ में चल रहे कथित काले कारोबार की ओर इशारा किया है।
हॉस्टल नहीं, तीसरे फ्लोर पर चलता था ‘अय्याशी का अड्डा’?
पुलिस जांच में सामने आया है कि हॉस्टल के तीसरे फ्लोर पर अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इस मामले में हॉस्टल संचालक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि वह तीसरे फ्लोर पर अवैध गतिविधियों का संचालन कर रहा था।
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि हॉस्टल से रसूखदार लोगों को लड़कियां उपलब्ध कराई जाती थीं और यहां एक बड़े सेक्स रैकेट का संचालन हो रहा था।
आत्महत्या या हत्या? पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल
शुरुआत में इस मामले को आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और छात्रा के शरीर पर पाए गए चोट के निशानों ने इस थ्योरी को संदेह के घेरे में ला दिया है। अब दावा किया जा रहा है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक घटना हो सकती है।
जांच में सामने आए कई चौंकाने वाले तथ्य
- मोबाइल लोकेशन का खुलासा: 5 जनवरी को जब छात्रा जहानाबाद से पटना लौट रही थी, उसी मार्ग पर आरोपी मनीष रंजन की मोबाइल लोकेशन भी पाई गई।
- मकान मालिक फरार: हॉस्टल की बिल्डिंग की मालकिन नीलम अग्रवाल और उनके दो बेटे घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
- निष्पक्ष जांच पर सवाल: मानवाधिकार अधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने आरोप लगाया है कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने के लिए सच्चाई दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को पत्र भी भेजा है।
पटना के गर्ल्स हॉस्टल कितने सुरक्षित?
इस घटना ने पटना में संचालित गर्ल्स हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई हॉस्टलों में न तो पर्याप्त सुरक्षा गार्ड हैं और न ही सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम कर रहे हैं। बाहरी असामाजिक तत्वों की आवाजाही से छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
शंभू गर्ल्स हॉस्टल का यह मामला अब सिर्फ एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पटना के कोचिंग हब की चमक-दमक के पीछे छिपे काले सच को उजागर करने वाली जांच बन चुका है।













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