गया में बड़ी कार्रवाई: स्कूल बाउंड्री योजना के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेते टाउन बीडीओ गिरफ्तार
गया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। निगरानी (विजिलेंस) विभाग की टीम ने सोमवार शाम टाउन प्रखंड के बीडीओ को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे जिले में इसकी चर्चा हो रही है।
जानकारी के अनुसार, यह गिरफ्तारी टाउन ब्लॉक परिसर स्थित प्रखंड प्रमुख के चैंबर में हुई। आरोप है कि बीडीओ प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी से रिश्वत की पहली किस्त ले रहे थे, तभी पहले से तैयार विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें पकड़ लिया। टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी अधिकारी को हिरासत में ले लिया।
📌 क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि 15वें वित्त आयोग के तहत एक सरकारी स्कूल की चारदीवारी (बाउंड्री) निर्माण से संबंधित योजना को स्वीकृति दिलाने के लिए बीडीओ द्वारा 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। आरोप के मुताबिक, योजना को पास कराने और प्रशासनिक प्रक्रिया में सहयोग देने के बदले यह राशि मांगी गई थी।
सूत्रों के अनुसार, बातचीत के बाद सौदा 1 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसमें पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये सोमवार को दिए जाने थे। जैसे ही बीडीओ ने यह राशि स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई पूर्व नियोजित थी और टीम पहले से ही आसपास मौजूद थी।
🔎 शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
इस मामले की शुरुआत प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी की लिखित शिकायत से हुई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर बीडीओ द्वारा रिश्वत मांगने की जानकारी दी थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले आरोपों का गोपनीय सत्यापन किया।
प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने ट्रैप (जाल) बिछाने की योजना बनाई। तय समय और स्थान पर निगरानी टीम ने पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई की और बीडीओ को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए साक्ष्य भी जुटाए गए।
🏠 सरकारी आवास पर छापेमारी
गिरफ्तारी के तुरंत बाद निगरानी विभाग की टीम ने बीडीओ के सरकारी आवास पर भी छापेमारी की। तलाशी के दौरान कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बरामद सामग्री क्या है। बताया जा रहा है कि बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की जा रही है।
प्रशासन में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद गया जिले के प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, आम लोगों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का माहौल है।
निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल आरोपी बीडीओ से पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।













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