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खैरा के गरही थाना क्षेत्र में दर्दनाक घटना: 15 वर्षीय नीरज का शव पेड़ से लटका मिला, दो वर्ष पहले बड़े भाई ने भी दी थी जान

खैरा के गरही थाना क्षेत्र में दर्दनाक घटना: 15 वर्षीय नीरज का शव पेड़ से लटका मिला, दो वर्ष पहले बड़े भाई ने भी दी थी जान

खैरा प्रखंड के गरही थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सोहरी जंगल के समीप एक पेड़ से 15 वर्षीय किशोर का शव लटका मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बोझायत गांव निवासी सकिंदर यादव के पुत्र नीरज कुमार के रूप में की गई है।

घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। परिवार के लोग भी जब वहां पहुंचे तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। लगातार दूसरी बार इसी परिवार में इस तरह की घटना होने से गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।


मेला देखने के लिए मांगे थे पैसे, फिर घर से निकल गया

परिजनों के अनुसार नीरज कुमार पिछले कुछ समय से अपने नाना जोवराज यादव के घर, केतारी बांक में रह रहा था। उसने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी, जिसके बाद पढ़ाई छोड़ दी थी।

सोमवार की सुबह वह मेला देखने जाने के लिए कपड़े खरीदने हेतु पैसे मांग रहा था। उसकी मां दुलारी देवी ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। घर में आमदनी का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। इसी वजह से उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया।

मां के अनुसार पैसे नहीं मिलने पर नीरज नाराज होकर घर से निकल गया। शुरू में परिजनों ने सोचा कि वह कुछ देर में वापस आ जाएगा, लेकिन जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटा तो चिंता बढ़ने लगी। परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।


मंगलवार सुबह जंगल में मिला शव

मंगलवार की सुबह कुछ ग्रामीणों ने सूचना दी कि सोहरी जंगल में एक पेड़ से गमछे के सहारे एक किशोर का शव लटका हुआ है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और देखा कि वह नीरज ही है।

यह दृश्य देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां दुलारी देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।


दो साल पहले बड़े भाई ने भी लगाई थी फांसी

इस घटना को और भी दर्दनाक बना देने वाली बात यह है कि जहां नीरज का शव मिला, उससे महज करीब 10 कदम की दूरी पर दो वर्ष पूर्व उसके बड़े भाई नीतीश कुमार ने भी महुआ के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

लगातार दो बेटों की इसी तरह मौत ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है। गांव के लोग भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर एक ही परिवार में दो-दो ऐसी घटनाएं कैसे हो गईं।


पहले से संकट में था परिवार

परिवार की स्थिति पहले से ही दयनीय बताई जा रही है। नीरज के पिता सकिंदर यादव करीब तीन वर्ष पहले घर छोड़कर चले गए थे। उसके बाद से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा था।

परिवार में कुल तीन बेटे और एक बेटी हैं। दूसरा बेटा रमेश कुमार (16 वर्ष) है, जबकि बेटी ललिता देवी (24 वर्ष) की शादी हो चुकी है। लगातार दो बेटों की असामयिक मौत से परिवार पूरी तरह सदमे में है।

ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव और भविष्य को लेकर अनिश्चितता जैसे कारण किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालते हैं।


पुलिस कर रही है जांच

घटना की सूचना मिलते ही गरही थाना अध्यक्ष विपिन चंद्र पालटा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।


गांव में शोक और कई सवाल

इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। लगातार दो भाइयों की इसी तरह मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या आर्थिक तंगी और पारिवारिक संकट इसके पीछे की वजह है, या कोई और कारण?

फिलहाल पूरा गांव शोक में डूबा है और लोग प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।


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