पटना से दुबई की फ्लाइट 1 लाख के पार: खाड़ी में तनाव का असर जारी, ओमान-कतर जाने वाले यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
खाड़ी देशों में पिछले कुछ समय से चल रहे तनाव का असर अब भी हवाई यात्रा पर साफ-साफ दिखाई दे रहा है। खासकर बिहार की राजधानी पटना से दुबई, ओमान, कतर और बहरीन जाने वाले यात्रियों के लिए हालात बेहद मुश्किल बन चुके हैं। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद टिकट की कमी और आसमान छूते किराए ने यात्रियों की परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ा दी है।
टिकट की भारी किल्लत, कनेक्टिंग फ्लाइट भी नहीं मिल रही
खाड़ी देशों में काम करने वाले हजारों लोग फरवरी में छुट्टी पर अपने घर पटना और आसपास के जिलों में आए थे। अब जब वे वापस लौटना चाहते हैं, तो उन्हें सबसे बड़ी दिक्कत फ्लाइट टिकट को लेकर हो रही है।
दुबई, कतर और बहरीन जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए पटना से कनेक्टिंग फ्लाइट की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है। एयरलाइंस की वेबसाइट पर अधिकांश फ्लाइट ‘सोल्ड आउट’ दिख रही हैं, जबकि जो टिकट उपलब्ध हैं, उनकी कीमत सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा हो चुकी है।
10 अप्रैल के बाद ही मिल रही टिकट
जानकारी के मुताबिक अधिकांश एयरलाइंस अभी 10 अप्रैल के बाद की ही टिकट जारी कर रही हैं। इतना ही नहीं, जिन यात्रियों की पहले से बुकिंग थी, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है।
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई के जरिए दुबई के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट तो चला रही हैं, लेकिन इन उड़ानों के संचालन को लेकर भी पूरी तरह से स्पष्टता नहीं है। वहीं इंडिगो की ओर से भी यात्रियों को 10 अप्रैल के बाद की ही टिकट मिल पा रही है।
लंबे रूट से उड़ान, समय और किराया दोनों बढ़े
मौजूदा हालात में एयरलाइंस को लंबा रूट अपनाकर उड़ानें संचालित करनी पड़ रही हैं। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। पहले जहां यात्रा का समय कम होता था, अब वही यात्रा कई घंटे लंबी हो गई है।
इसके साथ ही ईंधन की लागत और ऑपरेशन खर्च बढ़ने की वजह से किराए में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है।
20 हजार से बढ़कर 1 लाख तक पहुंचा किराया
कुछ समय पहले तक पटना से मुंबई होते हुए दुबई जाने का किराया 20 से 22 हजार रुपये के बीच होता था। लेकिन अब यही किराया बढ़कर 60 हजार से 1 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
पटना से इंडिगो की कनेक्टिंग फ्लाइट से दुबई जाने का किराया करीब 59 हजार रुपये बताया जा रहा है, जबकि ओमान जाने का किराया भी लगभग 60 हजार रुपये तक पहुंच चुका है। वहीं सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों में 4 अप्रैल तक सभी सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं।
नौकरीपेशा लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती
खाड़ी देशों में काम करने वाले मजदूर, टेक्नीशियन और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले हजारों लोग इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग समय पर नौकरी जॉइन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी नौकरी पर भी खतरा मंडराने लगा है।
परिवार से मिलने आए लोगों के लिए अब वापस लौटना आर्थिक रूप से भी काफी भारी पड़ रहा है। महंगे टिकट और सीमित फ्लाइट्स ने आम यात्रियों के लिए खाड़ी देशों की यात्रा को मुश्किल और महंगा बना दिया है।
फिलहाल राहत के आसार कम
एयरलाइंस की वेबसाइट पर लगातार ‘सोल्ड आउट’ का स्टेटस दिख रहा है और टिकट की उपलब्धता अभी भी बेहद कम है। ऐसे में आने वाले कुछ दिनों तक यात्रियों की परेशानी कम होने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
अगर खाड़ी क्षेत्र में हालात सामान्य होते हैं, तभी फ्लाइट संचालन और टिकट की कीमतों में सुधार देखने को मिल सकता है।













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