बरहट प्रखंड में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समेकित बाल विकास परियोजना कार्यालय ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए विशेष सतर्कता निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि क्षेत्र में बच्चा चोरी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही हैं, जिसे देखते हुए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस निर्देश के बाद से सेविकाओं, सहायिकाओं और महिला पर्यवेक्षिकाओं को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है।
सीडीपीओ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी केंद्रों पर आने-जाने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। विशेष रूप से ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान करने को कहा गया है जो बच्चों से अनावश्यक बातचीत करने या उन्हें बहलाने-फुसलाने की कोशिश कर सकते हैं। यह भी चेतावनी दी गई है कि गिरोह के सदस्य किसी भी प्रकार की वेशभूषा या पहचान का सहारा ले सकते हैं, इसलिए बाहरी व्यक्तियों की उपस्थिति को हल्के में न लिया जाए।
निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को अकेले घर नहीं भेजा जाएगा। प्रत्येक बच्चे को केवल उसके अभिभावक या अधिकृत परिजन को ही सौंपा जाना अनिवार्य होगा। इसके लिए बाकायदा हस्ताक्षर की प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी की स्थिति में स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। यह कदम बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभागीय स्तर पर निगरानी तंत्र को भी मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित निरीक्षण करने और केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र लाने और ले जाने के दौरान स्वयं उपस्थित रहें या किसी विश्वसनीय परिजन को अधिकृत करें। साथ ही, यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत संबंधित केंद्र या प्रशासन को सूचित करें।
कुल मिलाकर, यह पहल बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। संभावित खतरे को समय रहते भांपते हुए उठाए गए ये कदम आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाता है, ताकि क्षेत्र के सभी बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो सके।













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