बरहट प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहट में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लगाया गया सीसीटीवी कैमरा पिछले लगभग पांच महीनों से बंद पड़ा है। अस्पताल जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर जहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज, उनके परिजन और आगंतुक आते-जाते हैं, वहां निगरानी प्रणाली का निष्क्रिय होना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोग इसे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक मान रहे हैं।
अस्पताल के ओपीडी कक्ष में लगा सीसीटीवी कैमरा, जिसे सुरक्षा की “तीसरी आंख” कहा जाता है, वर्तमान में सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है। कैमरे का उद्देश्य अस्पताल परिसर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना, किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध कराना तथा असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाना था। लेकिन तकनीकी खराबी के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह ठप है। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि संभावित विवाद या घटनाओं की स्थिति में जांच प्रक्रिया भी बाधित हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में अक्सर मरीजों की भीड़ रहती है। कई बार पर्ची कटाने, दवा वितरण या इलाज को लेकर कहासुनी और विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में सीसीटीवी फुटेज सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कैमरा बंद रहने से किसी भी घटना की जवाबदेही तय करना मुश्किल हो सकता है। लोगों का मानना है कि सुरक्षा उपकरणों का निष्क्रिय रहना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
अस्पताल के एक स्वास्थ्यकर्मी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि कैमरा खराब होने की सूचना कई बार संबंधित विभाग और वरीय अधिकारियों को दी गई है। लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद अब तक मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल प्रशासन के स्तर पर प्रयास किए गए हैं, लेकिन तकनीकी सहायता और स्वीकृति में देरी के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
इस संबंध में प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विवेक कुमार सिंह ने कैमरा खराब होने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही इसे ठीक कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई शीघ्र की जाएगी।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि अस्पताल परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसी लापरवाही भविष्य में किसी बड़ी घटना को आमंत्रण दे सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि बंद पड़े कैमरे को अविलंब चालू कराया जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
कुल मिलाकर, बरहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सीसीटीवी कैमरे का महीनों से बंद रहना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि प्रशासनिक सतर्कता की भी परीक्षा लेता है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग कब तक इस समस्या का समाधान कर अस्पताल की “तीसरी आंख” को पुनः सक्रिय कर पाता है।













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