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आईपीएल पर फोकस: बिहार के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने छोड़ी CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा

बिहार के उभरते हुए क्रिकेट स्टार वैभव सूर्यवंशी ने इस वर्ष केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं होने का निर्णय लेकर सभी को चौंका दिया है। 17 फरवरी से 11 मार्च तक आयोजित होने वाली इन परीक्षाओं के लिए उनका एडमिट कार्ड पहले ही जारी हो चुका था, लेकिन व्यस्त क्रिकेट कार्यक्रम और पेशेवर प्रतिबद्धताओं के चलते उन्होंने फिलहाल पढ़ाई से ज्यादा अपने खेल करियर को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

ताजपुर स्थित मॉडेस्टी स्कूल के निदेशक ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि वैभव के पिता के साथ लंबी और गंभीर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। स्कूल प्रशासन ने भी माना कि वैभव इन दिनों लगातार क्रिकेट टूर्नामेंट, प्रशिक्षण सत्र और टीम की तैयारियों में व्यस्त हैं। ऐसे में बोर्ड परीक्षा की समुचित तैयारी के लिए उनके पास पर्याप्त समय नहीं बच पा रहा था। परिवार और स्कूल, दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि वर्तमान समय में उनके करियर के लिए क्रिकेट पर पूरा ध्यान देना अधिक आवश्यक है।

दरअसल, अगले महीने से Indian Premier League (आईपीएल) का नया सीजन शुरू होने जा रहा है। यह दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित टी20 क्रिकेट लीग मानी जाती है, जहां देश-विदेश के बड़े खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऐसे बड़े मंच पर खुद को साबित करने के लिए कठोर अभ्यास, फिटनेस ट्रेनिंग और मानसिक तैयारी बेहद जरूरी होती है। सूत्रों के मुताबिक, आईपीएल की तैयारियों के कारण वैभव का पूरा शेड्यूल काफी व्यस्त है, जिससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही थी।

इसके अलावा Bihar Cricket Association (बीसीए) के सूत्रों ने यह भी बताया कि वैभव की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए परीक्षा केंद्र पर भारी भीड़ जुटने की आशंका थी। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता था। ऐसे में उनके परिवार ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह कठिन लेकिन रणनीतिक निर्णय लिया।

वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। वे आईपीएल इतिहास में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं और एक भारतीय बल्लेबाज के रूप में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली, आत्मविश्वास और मैच के दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय बना दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वे इसी तरह निरंतर मेहनत और अनुशासन बनाए रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में वे भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारों में शुमार हो सकते हैं।

हालांकि, बोर्ड परीक्षा छोड़ने का निर्णय आसान नहीं होता, क्योंकि शिक्षा भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन खेल जगत में अवसर सीमित समय के लिए मिलते हैं। ऐसे में वैभव और उनके परिवार ने यह समझदारी भरा कदम उठाया है कि फिलहाल उनके करियर के स्वर्णिम अवसरों का पूरा लाभ उठाया जाए। माना जा रहा है कि वे भविष्य में परीक्षा देने का विकल्प चुन सकते हैं, क्योंकि शैक्षणिक प्रणाली में ऐसे प्रावधान उपलब्ध होते हैं।

फिलहाल वैभव की प्राथमिकता क्रिकेट के मैदान पर अपने प्रदर्शन को और मजबूत करना है। बिहार के साथ-साथ पूरे देश के क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब उनके आगामी आईपीएल प्रदर्शन पर टिकी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि शिक्षा और खेल के बीच संतुलन बनाते हुए यह युवा खिलाड़ी अपने सपनों को किस ऊंचाई तक ले जाता है।

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