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जन-भागीदारी से टूटेगा नशे का जाल: जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने NCORD बैठक में जमुई को नशामुक्त बनाने की बनाई व्यापक रणनीति

जन-भागीदारी से टूटेगा नशे का जाल: जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने NCORD बैठक में जमुई को नशामुक्त बनाने की बनाई व्यापक रणनीति

जमुई। जिला पदाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में आज जिला स्तरीय NCORD (National Coordination on Drug Law Enforcement) समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) और पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल (भा.पु.से.) ने की। बैठक का आयोजन बिहार पुलिस कार्यालय (मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो), पटना के दिशा-निर्देशों के आलोक में किया गया, जिसका उद्देश्य जिले को मादक पदार्थों की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए समन्वित और परिणामोन्मुख रणनीति तैयार करना था।

बैठक की शुरुआत में जिला पदाधिकारी ने नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था का विषय मानने के बजाय इसे सामाजिक, आर्थिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को क्षीण कर देता है और उसके निर्णय लेने की शक्ति को प्रभावित करता है। यह केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे की गिरफ्त में आया व्यक्ति अपनी प्रतिभा और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के बजाय आत्मविनाश की ओर बढ़ता है, जिससे वह राष्ट्र और समाज की प्रगति में बाधक बन जाता है।

उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक युवा शक्ति की आवश्यकता है। यदि युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आ जाएगी, तो विकास का सपना अधूरा रह जाएगा। इसलिए युवाओं को नशे के जाल से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल प्रशासनिक या पुलिसिया कार्रवाई से नशामुक्त समाज का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का प्रत्येक वर्ग—अभिभावक, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन और ग्रामीण क्षेत्रों के जागरूक नागरिक—इस अभियान में सक्रिय भागीदारी नहीं निभाएंगे, तब तक नशे के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना कठिन होगा। उन्होंने जन-भागीदारी को इस मुहिम की सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप लेना चाहिए।

पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल ने अपने संबोधन में नशे के अपराध से सीधे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के विवेक और आत्मनियंत्रण को समाप्त कर देता है, जिससे अपराध की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। नशा घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं, चोरी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों की जड़ बन सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण और अवैध उत्पादन में संलिप्त लोगों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। कानून के दायरे में रहते हुए किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

बैठक में जिले में अफीम और गांजा की संभावित अवैध खेती पर विशेष चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जाए और अवैध फसलों का तत्काल विनष्टीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में इस प्रकार की खेती की प्रवृत्ति देखी जाती है, वहां किसानों को वैकल्पिक आजीविका और लाभकारी कृषि योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि वे नशे की खेती से हटकर मुख्यधारा की कृषि गतिविधियों में संलग्न हो सकें। इसके लिए कृषि विभाग, जीविका समूहों और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शिक्षण संस्थानों—विशेषकर विद्यालयों और महाविद्यालयों—में एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रावधानों और नशे के दुष्परिणामों के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। छात्र-छात्राओं को कानूनी दायित्वों और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें, बल्कि समाज में भी जागरूकता फैलाने में सहयोग करें। सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने, गोपनीय सूचनाओं के संग्रहण और त्वरित कार्रवाई की प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी।

अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को एक टीम भावना के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयास, सतत निगरानी और जन-सहयोग के माध्यम से ही जमुई को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता की सक्रिय सहभागिता के समन्वय से जमुई जिला राज्य में नशामुक्ति और सामाजिक चेतना का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री सुभाष चंद्र मंडल, अपर समाहर्ता श्री रविकांत सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री सौरव कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (झाझा), सूचना एवं जन संपर्क पदाधिकारी मेनका कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर से प्रभावी कार्रवाई और समन्वित प्रयास का आश्वासन दिया।

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