जमुई लोकसभा क्षेत्र के समग्र रेल विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, जमुई के सांसद अरुण भारती ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दिल्ली–हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित झाझा–जमुई बेल्ट को एक हाई-कैपेसिटी रेल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
सांसद अरुण भारती ने रेल मंत्री को अवगत कराया कि झाझा–जमुई क्षेत्र देश के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रेल मार्गों में से एक है, जहां यात्री और मालगाड़ियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस कारण इस क्षेत्र में नई रेल लाइनों, बाईपास ट्रैक और अतिरिक्त लाइन क्षमता की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने इन परियोजनाओं को शीघ्र गति से आगे बढ़ाने का आग्रह करते हुए क्षेत्रीय विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रेल मंत्री के समक्ष रखीं।
इस दौरान जिन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष रूप से ध्यान आकृष्ट कराया गया, उनमें झाझा–बटिया नई रेल लाइन (लगभग 20 किलोमीटर) की परियोजना प्रमुख रही, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही बैजनाथपुर–अंडोली एवं झाझा के बीच 5 किलोमीटर लंबी बाईपास रेल लाइन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, जिससे मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सके।
इसके अलावा, अत्यधिक व्यस्त रेल खंडों को ध्यान में रखते हुए सीतारामपुर–झाझा चौथी लाइन तथा सीतारामपुर–किउल (झाझा के रास्ते) तीसरी लाइन रेल परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति एवं क्रियान्वयन की मांग की गई। ये परियोजनाएं न केवल ट्रेनों की गति बढ़ाएंगी, बल्कि समयपालन और यात्री सुविधा में भी सुधार लाएंगी।
सांसद अरुण भारती ने बरियारपुर–मननपुर (68 किमी) तथा नवादा–लक्ष्मीपुर (137 किमी) रेल परियोजनाओं को भी क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इन परियोजनाओं से दक्षिण बिहार के कई पिछड़े इलाकों को सीधा रेल नेटवर्क मिलने की संभावना है।
यात्री सुविधाओं को केंद्र में रखते हुए, उन्होंने कटौना हाल्ट पर DMU/EMU ट्रेनों के ठहराव, चौरा हाल्ट पर यात्री ट्रेनों के ठहराव तथा आधुनिक ट्रेनों जैसे वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस के जमुई एवं झाझा स्टेशन पर ठहराव की भी मांग रखी। इसके अतिरिक्त, जमुई लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों पर अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव का विषय भी चर्चा में शामिल रहा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद द्वारा रखे गए सभी प्रस्तावों को गंभीरता से सुना और उन पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि झाझा–जमुई क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए इन परियोजनाओं का तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर परीक्षण किया जाएगा।
यह पहल जमुई संसदीय क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाओं के विस्तार, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।













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