जमुई जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र से जुड़े एक हत्या मामले में अदालत के फैसले के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंचम पवन कुमार ने अपने 45 पृष्ठों के विस्तृत और महत्वपूर्ण फैसले में हत्या के आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह फैसला लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के तलझारी गांव निवासी अंबिका मंडल के खिलाफ सुनाया गया है, जिसे अदालत ने हत्या के मामले में दोषी पाया। न्यायालय के इस निर्णय की जानकारी बुधवार शाम करीब 4 बजे दी गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक संजीव कुमार सिंह एवं अधिवक्ता शिशिर कुमार दुबे ने अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को प्रस्तुत करते हुए यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से हत्या की घटना को अंजाम दिया था।
वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्यामदेव सिंह और राजीव कुमार सिन्हा ने आरोपी के पक्ष में दलीलें पेश कीं और उसे निर्दोष साबित करने का प्रयास किया। दोनों पक्षों की दलीलों, प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को सुनने के बाद न्यायालय ने मामले की गहन समीक्षा की।
सभी तथ्यों और प्रमाणों का सूक्ष्म विश्लेषण करने के उपरांत जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंचम पवन कुमार ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी अंबिका मंडल को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए यह फैसला सुनाया।
न्यायालय के इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं, फैसले के बाद लक्ष्मीपुर और आसपास के इलाकों में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस निर्णय से कानून व्यवस्था में लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।













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