जिले में 17 फरवरी से शुरू होने जा रही मैट्रिक परीक्षा से ठीक पहले एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा में अधिक अंक दिलाने की ‘गारंटी’ देने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिसे पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश रच रहे लोगों में हड़कंप मच गया है।
तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
नगर थाना पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और आसूचना के आधार पर इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार की देर रात नगर थाना क्षेत्र के पटेल नगर में छापेमारी की। रात करीब 11 से 12 बजे के बीच की गई इस कार्रवाई में एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में उसकी पहचान रोह थाना क्षेत्र के मोरमा गांव निवासी शशिभूषण यादव के पुत्र नवीन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युवक लंबे समय से परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर बेहतर अंक दिलाने के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को अपने जाल में फंसा रहा था।
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चल रहा था पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कई व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, जिनके माध्यम से वह परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों और गिरोह के अन्य सदस्यों से संपर्क में था। इन ग्रुप्स में परीक्षा में अधिक अंक दिलाने, पास कराने और यहां तक कि निर्धारित प्रतिशत दिलाने के नाम पर पैसों की डील तय की जाती थी।
सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग प्रतिशत के हिसाब से रकम तय की जाती थी। 60 प्रतिशत, 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक दिलाने की ‘सेटिंग’ का दावा किया जाता था। पुलिस को तीन परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड भी व्हाट्सएप चैट के जरिए मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि गिरोह परीक्षा में संगठित तरीके से धांधली की तैयारी कर रहा था।
दूसरे को बैठाकर परीक्षा दिलाने की थी साजिश
प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि वास्तविक परीक्षार्थी की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को परीक्षा में बैठाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए जरूरी दस्तावेजों और पहचान से संबंधित जानकारी का आदान-प्रदान किया जा रहा था। पुलिस ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों पर कुछ दिनों से नजर रखी जा रही थी। जैसे ही पुख्ता सूचना मिली, तत्काल छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
मोबाइल सिम, ब्लूटूथ डिवाइस और गेस पेपर जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक कंपनी का मोबाइल सिम कार्ड बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर संपर्क साधने में किया जा रहा था। इसके अलावा एक ब्लूटूथ डिवाइस भी जब्त की गई है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल कराने की योजना थी।
पुलिस को बड़ी मात्रा में परीक्षा से संबंधित ‘गेस पेपर’ भी मिले हैं। इन गेस पेपर के जरिए छात्रों को भरोसा दिलाया जा रहा था कि यही प्रश्न परीक्षा में आएंगे। बरामद सामग्री को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है।
तीन परीक्षार्थी जांच के दायरे में
पुलिस ने बताया कि फिलहाल तीन परीक्षार्थी जांच के दायरे में हैं। उनके एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं परीक्षा केंद्रों से जुड़े किसी व्यक्ति की मिलीभगत तो नहीं है।
गिरफ्तार युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि मैट्रिक परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ प्रशासन किसी भी स्तर पर सख्ती बरतने को तैयार है। छात्रों और अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे ऐसे झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।













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