नालंदा में दर्दनाक हादसा: शीतला माता मंदिर में भीड़ के बीच दम घुटने से 9 की मौत, प्रशासन ने बताया कैसे हुआ पूरा मामला
बिहार के नालंदा से मंगलवार सुबह एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। बिहारशरीफ स्थित शीतला माता मंदिर में पूजा के दौरान अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें 8 महिलाओं समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और प्रशासन भी लगातार मामले की जांच में जुटा हुआ है।
कैसे हुआ हादसा?
नालंदा के एसपी भारत सोनी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार सुबह मंदिर में अचानक उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ इकट्ठा हो गई थी। सुबह-सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा करने के लिए मंदिर पहुंचीं थीं।
बताया गया कि कई महिलाएं पहले मंदिर के पास ठंडे पानी में स्नान कर रही थीं और उसके बाद एक साथ मंदिर परिसर में प्रवेश करने लगीं। इसी दौरान भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। गर्मी और भीड़ की वजह से कई महिलाएं बेहोश होकर गिरने लगीं।
जैसे ही कुछ महिलाएं गिरकर बेहोश हुईं, वहां अफरा-तफरी मच गई और लोगों में घबराहट फैल गई। भीड़ बेकाबू हो गई और इसी दौरान दम घुटने से 9 लोगों की मौत हो गई। वहीं करीब 7 से 8 लोग घायल हो गए, जिनमें से एक को गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
पहले से नहीं थी इतनी भीड़ की सूचना
एसपी भारत सोनी ने यह भी कहा कि मंदिर परिसर में पहले से चौकीदार और सुरक्षा के कुछ इंतजाम मौजूद थे, लेकिन प्रशासन को पहले से यह जानकारी नहीं दी गई थी कि मंगलवार को इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचने वाले हैं। अगर पहले से सूचना मिलती तो सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जा सकती थी।
उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) टीम का गठन कर दिया गया है। साथ ही एफएसएल (FSL) की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। अगर जांच में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
नालंदा के डीएम कुंदन कुमार ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को मां शीतला मंदिर में अचानक बहुत ज्यादा भीड़ इकट्ठा हो जाने के कारण यह बेहद दुखद हादसा हुआ है। प्रशासन की टीम ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
डीएम ने बताया कि जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिवारों को 6 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मृतकों में से अधिकांश की पहचान कर ली गई है और बाकी की पहचान की प्रक्रिया जारी है। घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
इलाके में पसरा मातम
इस हादसे के बाद पूरे नालंदा और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर अचानक इतनी भीड़ क्यों बढ़ी और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई।













Leave a Reply