पभेड़ी मोड़ पर दिनदहाड़े लूट: बैंक से बस तक पीछा, चार लाख लेकर फरार हुए बाइक सवार बदमाश
पभेड़ी मोड़ पर हुई लूट की यह घटना सामान्य झपटमारी से कहीं अधिक सुनियोजित प्रतीत होती है। जिस तरीके से बदमाशों ने बैंक से लेकर बस के सफर तक पीड़ित का पीछा किया, उससे यह आशंका मजबूत होती है कि पूरी वारदात पूर्व नियोजित थी और अपराधियों को पहले से ही बड़ी रकम की जानकारी थी।
नीचे पूरे घटनाक्रम को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है:
घटनाक्रम (Timeline)
1. पैसे की प्राप्ति और निकासी
सोमवार की सुबह धनरुआ थाना क्षेत्र के बुलाकी बिगहा निवासी भूषण चौधरी अपने बड़े भाई भोला चौधरी के साथ जहानाबाद गए थे। जानकारी के अनुसार, उनकी बहन की शादी के लिए जमीन बेची गई थी, जिसके एवज में 4 लाख रुपये की राशि सुरेश चौधरी द्वारा दी गई। यह रकम जहानाबाद के होरिलगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा से निकाली गई थी।
रकम नकद रूप में एक भूरे रंग के थैले में रखी गई और दोनों भाई आगे की यात्रा के लिए निकल पड़े।
2. सफर की शुरुआत
पैसे लेने के बाद दोनों भाई निजामुद्दीन चक बस स्टैंड पहुंचे। वहां से बड़ा भाई भोला ट्रेन से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गया, जबकि भूषण बस पकड़कर अपने गांव की ओर निकल पड़ा। उस समय तक सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था, लेकिन आशंका है कि अपराधियों की नजर तभी से उन पर थी।
3. रेकी और पीछा
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिल रहे हैं कि बदमाशों ने जहानाबाद से ही भूषण की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। संभावना जताई जा रही है कि अपराधियों को पहले से पता था कि उसके पास बड़ी नकदी है। यह भी संदेह है कि बैंक या आसपास से किसी ‘लाइनर’ ने सूचना दी हो, जिसने बदमाशों को रकम और पीड़ित की पहचान की जानकारी उपलब्ध कराई हो।
यही कारण है कि अपराधियों ने पूरे रास्ते उसका पीछा किया और सुनसान व अनुकूल स्थान पर वारदात को अंजाम दिया।
4. वारदात का समय और तरीका
जब भूषण पभेड़ी मोड़ पर बस से उतरा, तो वह पास की एक दुकान पर नाश्ता करने के लिए रुक गया। नाश्ता करने के बाद जैसे ही वह सड़क पार करने लगा, तभी धनरुआ की दिशा से तेज रफ्तार में आ रहे बाइक सवार दो बदमाशों ने अचानक झपट्टा मारा।
बदमाशों ने बेहद फुर्ती से भूषण के हाथ से रुपयों से भरा थैला छीना और कुछ ही सेकंड में बाइक से फरार हो गए। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अपराधी आंखों से ओझल हो चुके थे।
घटना के बाद की स्थिति
लूट की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई। पीड़ित भूषण चौधरी ने बताया कि बदमाशों ने चेहरा ढका हुआ था और बाइक की रफ्तार बहुत तेज थी, जिससे नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से देख पाना संभव नहीं हो सका।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। अब तक निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
1. प्राथमिकी दर्ज
भूषण चौधरी के लिखित बयान के आधार पर अज्ञात बाइक सवार बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच धनरुआ थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।
2. CCTV फुटेज की जांच
पुलिस पभेड़ी मोड़, बस स्टैंड और जहानाबाद स्थित बैंक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। उद्देश्य है कि बाइक की पहचान, संभावित नंबर प्लेट और बदमाशों के हुलिए के बारे में कोई ठोस सुराग मिल सके।
3. ‘लाइनर’ की भूमिका की जांच
पुलिस को संदेह है कि घटना में किसी अंदरूनी सूचना देने वाले व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। बैंक परिसर या आसपास मौजूद किसी व्यक्ति ने रकम की जानकारी अपराधियों तक पहुंचाई हो — इस एंगल से भी जांच की जा रही है।
यदि यह संदेह सही साबित होता है, तो यह केवल लूट की घटना नहीं बल्कि संगठित अपराध का मामला बन सकता है।
सुरक्षा पर उठते सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बैंक से बड़ी रकम निकालकर नकद ले जाने की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में पुलिस या निजी सुरक्षा की सहायता लेने की सलाह दी जाती है, विशेषकर जब रकम बड़ी हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पभेड़ी मोड़ जैसे व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने आमजन में भय का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
निष्कर्ष
प्रारंभिक तथ्यों से स्पष्ट है कि यह लूट अचानक की गई वारदात नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दी गई प्रतीत होती है। बैंक से निकासी, बस स्टैंड तक पीछा और सुनसान स्थान पर झपट्टा मारना — इन सभी बिंदुओं से संकेत मिलता है कि अपराधियों ने पहले से रणनीति तैयार की थी।
अब देखना यह है कि सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की जांच से क्या सुराग मिलते हैं और कब तक इन बदमाशों को गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में लाया जाता है।













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