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बेतिया में शिक्षा विभाग के सहायक अभियंता 5 लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, 57 लाख की योजना के बिल में 10% कमीशन की मांग का आरोप

बेतिया में शिक्षा विभाग के सहायक अभियंता 5 लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, 57 लाख की योजना के बिल में 10% कमीशन की मांग का आरोप

बेतिया। शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने बेतिया में पदस्थापित सहायक अभियंता रौशन कुमार को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई विभागीय स्तर पर लंबे समय से चल रही कथित कमीशनखोरी की शिकायतों के बीच की गई है, जिससे पूरे शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।

57 लाख रुपये की रिपेयरिंग योजना के बिल में मांगा जा रहा था 10% कमीशन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रहीमपुर नौतन निवासी शम्स तबरेज ने निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके द्वारा कराए गए 57 लाख रुपये के रिपेयरिंग कार्य के बिल भुगतान के एवज में सहायक अभियंता द्वारा 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि बिना कमीशन दिए बिल पास नहीं किया जा रहा था, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था।

बताया जाता है कि सहायक अभियंता की ओर से स्पष्ट रूप से 10 प्रतिशत यानी करीब 5 लाख 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। काफी दबाव के बाद जब मामला आगे बढ़ा तो वादी ने इसकी सूचना निगरानी विभाग को दी।

सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद विभाग ने जाल बिछाने की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को चिन्हित राशि के साथ अभियंता के पास भेजा गया।

जैसे ही सहायक अभियंता रौशन कुमार ने 5 लाख रुपये की घूस की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान पूरी प्रक्रिया को विधिवत तरीके से संपन्न किया गया और मौके पर मौजूद अधिकारियों ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।

डीएसपी की देखरेख में हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक सुधीर कुमार की देखरेख में संपन्न हुई। गिरफ्तारी के बाद अभियंता को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निगरानी टीम अब यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में कहीं अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी तो शामिल नहीं थे।

विभागीय हलकों में मचा हड़कंप

इस गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग के स्थानीय कार्यालयों में हड़कंप की स्थिति है। सूत्रों के अनुसार, कई अन्य योजनाओं और बिल भुगतान की फाइलों की भी समीक्षा की जा सकती है। यदि जांच में अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो और भी अधिकारियों पर कार्रवाई संभव है।

भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश

निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगना या लेना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल गिरफ्तार अभियंता से पूछताछ जारी है और आगे की जांच में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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