“सबका सम्मान, जीवन आसान” की दिशा में जमुई प्रशासन का बड़ा कदम: जनता दरबार में जिलाधिकारी ने सुनीं लोगों की समस्याएँ, मौके पर समाधान के दिए सख्त निर्देश
जमुई जिले में आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन एक बार फिर सक्रिय नजर आया। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना ‘सात निश्चय–3’ के मूल मंत्र “सबका सम्मान, जीवन आसान” को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आज जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जनता दरबार का आयोजन किया। यह कार्यक्रम सिर्फ औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके त्वरित समाधान का एक सशक्त मंच बनकर सामने आया।
जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे। करीब 16 से अधिक फरियादियों ने सीधे जिलाधिकारी के समक्ष अपनी बातें रखीं। जिला पदाधिकारी ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को धैर्यपूर्वक सुना और उनसे विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उनका व्यवहार पूरी तरह संवेदनशील और जिम्मेदार नजर आया, जिससे लोगों में यह विश्वास और मजबूत हुआ कि उनकी समस्याओं का समाधान अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखाई देगा।
जनता दरबार के दौरान सामने आई समस्याओं का दायरा काफी व्यापक रहा। कई लोगों ने भूमि विवाद से जुड़े जटिल मामलों को उठाया, तो वहीं कुछ लोगों ने नए प्रखंड के गठन की मांग भी रखी। इसके अलावा बिजली आपूर्ति में अनियमितता, कृषि विभाग के कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान, बैंकिंग सेवाओं में आ रही परेशानियाँ और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी जिलाधिकारी के सामने रखे गए। इन समस्याओं को सुनने के बाद जिला पदाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से दूरभाष पर बात की और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया कि लोगों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि आम जनता को मिलने वाली सरकारी सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या टालमटोल अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का सबसे बड़ा दायित्व आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है और यदि जनता को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें, तो यह व्यवस्था की विफलता मानी जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से भूमि विवाद से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय बनाकर निष्पक्ष कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय से चल रहे विवादों से राहत मिल सके।
जनता दरबार के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रेषित करते हुए उनके निष्पादन के लिए निश्चित समय-सीमा भी तय कर दी। उन्होंने दोहराया कि योजनाओं और सरकारी घोषणाओं का असली मतलब तभी है, जब उनका लाभ आम लोगों तक समय पर पहुँचे। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल फाइलों में काम दिखाने की बजाय जमीन पर परिणाम देने पर जोर दिया जाएगा।
इस जनता दरबार के दौरान जिला पदाधिकारी की संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और लोगों के प्रति सकारात्मक रवैये ने उपस्थित फरियादियों के बीच भरोसा पैदा किया। दूर-दराज के ग्रामीणों ने भी महसूस किया कि उनकी बात अब सीधे प्रशासन के शीर्ष स्तर तक पहुँच रही है और उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा। इस अवसर पर अपर समाहर्ता श्री रविकांत सिन्हा और जन संपर्क पदाधिकारी मेनका कुमारी भी मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते नजर आए।













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