ऑनलाइन टिकट बुकिंग होगी और आसान, IRCTC ने 3 करोड़ से ज्यादा फर्जी अकाउंट हटाए
रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। IRCTC पोर्टल से तीन करोड़ से अधिक फर्जी अकाउंट हटाए गए हैं, जिससे आम यात्रियों को टिकट मिलने में अब पहले से ज्यादा सहूलियत होगी।
इसके अलावा 13 हजार से अधिक संदिग्ध ईमेल डोमेन भी ब्लॉक किए गए हैं। करीब 4.07 लाख संदिग्ध पीएनआर से जुड़े मामलों में 408 साइबर क्राइम शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन कार्रवाइयों के बाद दलालों की गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगी है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि टिकटों की निष्पक्ष उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे लगातार तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कदम उठा रहा है।
2025 में 3.04 करोड़ यूजर आईडी निष्क्रिय
वर्ष 2025 के दौरान 3.04 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को निष्क्रिय किया गया। इसके साथ ही 2.94 करोड़ खातों को अस्थायी रूप से रोका गया था, जिनमें से जांच के बाद 1.80 लाख से अधिक खातों को दोबारा सक्रिय किया गया है। अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली पहले से ज्यादा मजबूत और सुरक्षित हो गई है।
एंटी-बॉट तकनीक की मदद से लगभग 64 प्रतिशत संदिग्ध ट्रैफिक को रोका जा रहा है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन बुकिंग का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है।
फरवरी तक 48.25 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक
चालू वित्त वर्ष में फरवरी तक 48.25 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक किए गए, जो कुल आरक्षित टिकटों का करीब 88 प्रतिशत है। वहीं काउंटर से केवल 6.15 करोड़ टिकट ही बुक हुए हैं। इससे साफ है कि अब ज्यादातर लोग डिजिटल माध्यम से टिकट बुक करना पसंद कर रहे हैं।
आधार सत्यापन से कालाबाजारी पर लगाम
टिकट बुकिंग को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए आधार प्रमाणीकरण को भी अनिवार्य किया गया है। 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट और सामान्य आरक्षण के पहले दिन की बुकिंग केवल आधार सत्यापित यूजर ही कर सकते हैं। इससे फर्जी अकाउंट के जरिए बड़े पैमाने पर टिकट बुक करने की प्रवृत्ति पर रोक लगी है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे की प्राथमिकता यात्रियों को सस्ती और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना है। इन उपायों से अब वास्तविक यात्रियों को टिकट मिलना पहले से ज्यादा आसान हो गया है।
रेलवे ने यह भी बताया कि कोच संरचना में आम यात्रियों को प्राथमिकता दी जा रही है। करीब 70 प्रतिशत डिब्बे जनरल और स्लीपर श्रेणी के हैं, जबकि 78 प्रतिशत सीटें नॉन-एसी वर्ग में हैं। रेलवे का कहना है कि टिकट बुकिंग प्रणाली को और बेहतर बनाने की प्रक्रिया लगातार जारी है और यात्रियों के फीडबैक के आधार पर सुधार किए जा रहे हैं। 🚆📱













Leave a Reply