जमुई जिले से एक बार फिर भ्रष्टाचार से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है, जिसने शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोनो थाना क्षेत्र के अंतर्गत डुमरी उत्पाद विभाग चेकपोस्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा अवैध वसूली किए जाने की घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में ला खड़ा किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में तीन होमगार्ड जवान—सूर्यमणि कुमार, नवीन कुमार और आशीष कुमार—को दोषी पाए जाने के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने शराबबंदी कानून का भय दिखाकर निर्दोष यात्रियों से अवैध रूप से पैसे वसूले।
यह घटना 21 अप्रैल की बताई जा रही है। उस दिन गिरिडीह निवासी श्यामसुंदर यादव अपने कुछ साथियों के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। जैसे ही उनका वाहन डुमरी चेकपोस्ट पर पहुंचा, वहां मौजूद जवानों ने वाहन को रोककर नियमित जांच के नाम पर ब्रेथ एनालाइजर से उनकी जांच की।
आरोप है कि जांच के दौरान जवानों ने यात्रियों पर शराब सेवन का झूठा आरोप लगाया और उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। इसके बाद मामला रफा-दफा करने के नाम पर उनसे पैसों की मांग की गई। भय और दबाव के माहौल में यात्रियों को मजबूर होकर पैसे देने पड़े।
बताया जा रहा है कि कुल ₹16,000 की अवैध वसूली की गई, जिसमें ₹9,500 ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए और ₹5,500 नकद लिए गए। बाद में पीड़ितों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने पर मामले की जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर संबंधित तीनों होमगार्ड जवानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ कानून के दुरुपयोग को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि शराबबंदी जैसे संवेदनशील कानून का इस्तेमाल किस तरह कुछ लोग निजी लाभ के लिए कर रहे हैं। ऐसे मामलों से आम जनता का भरोसा कानून व्यवस्था पर कमजोर होता है, जो कि किसी भी व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को किस दिशा में आगे बढ़ाता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।













Leave a Reply