भ्रष्टाचार पर सख्त एक्शन: सदर अस्पताल के फार्मासिस्ट की सेवा समाप्त, एफआईआर दर्ज करने का आदेश
जमुई जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) ने सदर अस्पताल में तैनात संविदा फार्मासिस्ट दयानंद प्रसाद के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
मामला अवैध लेन-देन से जुड़ा है, जिसमें आरोपी फार्मासिस्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में उन्हें अनैतिक तरीके से पैसे लेते हुए देखा गया, जिसके बाद जिला पदाधिकारी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए।
प्रारंभिक जांच के तहत सिविल सर्जन द्वारा संबंधित कर्मी से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया, जिसने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जांच रिपोर्ट में दयानंद प्रसाद को भ्रष्टाचार और अपने पद के दुरुपयोग का दोषी ठहराया गया। समिति ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और संविदा सेवा समाप्त करने की अनुशंसा की। इस पर कार्रवाई करते हुए जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उनकी सेवा तुरंत समाप्त की जाए।
इस सख्त कार्रवाई के जरिए जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत प्रशासन लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी रख रहा है और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है।
इस कदम के बाद जहां सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार में लिप्त तत्वों के बीच हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोगों ने प्रशासन की इस पारदर्शी और निर्णायक कार्रवाई की सराहना की है।













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